ग्वालियर/डबरा। थाना डबरा देहात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने महिला जेल प्रहरी को ब्लैकमेल कर लगभग 20 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। पकड़े गए आरोपी शिवम चौबे (29) निवासी बैहरूका, थाना धीरपुरा, जिला ग्वालियर के खिलाफ पहले से ही दतिया और शिवपुरी जिलों में लूट, आर्म्स एक्ट समेत 07 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, साथ ही उसके खिलाफ दतिया न्यायालय से एक स्थायी वारंट भी जारी था।
घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता निहारिका (परिवर्तित नाम) ने थाना डबरा देहात में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि करीब तीन साल पहले दतिया जेल में पदस्थ रहने के दौरान उसकी पहचान आरोपी शिवम चौबे से हुई थी। दोस्ती के बहाने आरोपी ने उसे अपने किराए के कमरे पर बुलाकर उसके आपत्तिजनक फोटोग्राफ ले लिए और मार्च 2024 से लगातार उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। धमकियों से भयभीत होकर महिला प्रहरी ने फोनपे और नकद के माध्यम से उसे लगभग 20 लाख रुपये दिए। इसके बाद भी आरोपी उसे जान से मारने और अपहरण की धमकी देता रहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देशन, अति. पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी (भापुसे) और एसडीओपी डबरा श्री सौरभ कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी डबरा देहात निरीक्षक सुधाकर सिंह तोमर और उनकी टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए तगड़ी घेराबंदी की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 17 अगस्त को शिवम चौबे को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी को अपराध क्रमांक 218/25, धारा 308, 351(2) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर 18 अगस्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
वर्तमान में उपरोक्त महिला जेल प्रहरी डबरा जेल में पदस्थ हैं और उनका मूल परिवार (मायका) भी डबरा में ही निवास करता है। आरोपी शिवम चौबे को गिरफ्तार कर दतिया और शिवपुरी से जुड़े पुराने मामलों के आधार पर डबरा जेल में ही बंद किया गया है, जिससे पीड़िता और उनके परिवार को सुरक्षा और मानसिक शांति मिली है। इस गिरफ्तारी से न केवल पीड़िता को न्याय मिला, बल्कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता और तत्परता का भी संदेश गया।
इस त्वरित और सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुधाकर सिंह तोमर, उपनिरीक्षक जितेश शिवहरे, प्रधान आरक्षक हेमंत यादव, आरक्षक दीपक विश्वकर्मा, करन और मोहित यादव की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और एक बड़ी राहत की सांस लोगों को मिली है।